बैठे बैठे भीग जाती है पलकें दर्द छुपाना नहीं आता
रूह तक उतारते उतारते जिस्म को खोखला कर गया
जो कभी साथ थे, अब वो रास्ते भी अकेले हैं,
जिसने भी मुझे छोड़ दिया, वो अपना अच्छा वक्त देखकर चला गया।
वो साथ था पर दिल से नहीं, मैं साथ था पर नसीब से नहीं।
रिश्तों की दुनियां अजीब होती है, जहाँ दिल भर जाता है, वहां लोग छोड़ देते हैं।
लेकिन अब वो उम्मीदें ही हमसे दूर हो गईं…!!!
अब तो हर वक़्त, दिल में तेरा ही राज़ चलता है।
पर अब सोचते हैं, क्या हमने सही किया क्या।
अब हर ख्वाब सिर्फ़ तुम्हारी यादों में खो गया है…!!!
कभी चेहरे पर मुस्कान, कभी आँखों में आंसू,
दिल भर आया तेरा नाम सुनकर, Sad Shayari अब तेरा हाल भी मेरा जैसा ही होगा क्या?
काश! तुम्हारे दिल में वो दर्द समझने वाली जगह होती,
तुझसे मिलकर भी अब तो वो पल फीके लगते हैं,